अजीब सी बात है न....
बेटे चाहते हैं बीवी माँ जैसी हो,
और बेटियाँ दुआ करती हैं माँ जैसी किस्मत न हो।
क्योंकि बेटे ने देखा
माँ का प्यार, रसोई की खुशबू,
सब्र की मिसाल।
पर बेटी ने देखा
सपनों का गला घुटते, आँसुओं का छुपते हाल।
एक ने त्याग को सुकून समझा,
दूसरी ने उसे चेतावनी बना लिया।
फ़र्क ये नहीं कि माँ को किसने कैसे देखा,
फ़र्क इस बात में है कि हमने उसकी कहानी से क्या सिखा।
चलते हैं फिर… अगले ब्लॉग में मुलाक़ात होगी।
तब तक के लिए, अपना ख्याल रखें, मुस्कुराते रहें, और हर पल को दिल से जिएं।
याद रखिए, ज़िंदगी अपने रंग खुद चुनती है — और हमें बस उन्हें अपनाना है।
…अनु
लेखिका: अनुपमा सिंह
#ZindagiKeDoRang #LifeLessons #TwoShadesOfLife #JeevanKeRang #LifeDualities #HindiBlogging #Inspiration #LifeInColor
सौजन्य: फ़ेसबुक

No comments:
Post a Comment